डॉ. राना को अब अंतरराष्ट्रीय पहचान उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद के पाण्डेय बसडीला गांव से आने वाले डॉ. राना के उपचार अनुभवों ने अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा समुदाय का भी ध्यान आकर्षित किया है। इसी क्रम में उन्हें ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और ब्रिटिश संसद के संयुक्त तत्वावधान में 10 अप्रैल 2026 को लंदन स्थित हाउसेस ऑफ पार्लियामेंट परिसर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय होलिस्टिक मेडिसिन कॉन्फ्रेंस-2026 में भारत के प्रतिनिधि के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहाँ वे जन्मजात हृदय रोग के समग्र उपचार से जुड़े अपने अनुभव और परिणाम प्रस्तुत करेंगे।
डॉ यादव का कहना है कि जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के उपचार में हमारा प्रयास केवल रोग के शारीरिक पहलू तक सीमित नहीं होता, बल्कि दीर्घकालिक समग्र चिकित्सा, नियमित निगरानी और परिवार के सहयोग से बच्चे को सामान्य जीवन की ओर वापस लाना होता है। जिन बच्चों के लिए शल्य-क्रिया ही एकमात्र विकल्प बताया गया था, उनमें सुधार देखना हमारे लिए सबसे बड़ी संतुष्टि है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने अनुभव साझा करना भारत की समग्र चिकित्सा दृष्टि की वैश्विक प्रासंगिकता को प्रस्तुत करने का अवसर है।